What is SEO in Hindi: SEO क्या है? SEO के बारे में पूरी जानकारी

इस आर्टिकल के माध्यम से मै आपको आसान भाषा में समझाऊंगा कि SEO क्या होता है (What is SEO in Hindi). आपने देखा होगा हम जब भी  Google या किसी भी अन्य सर्च इंजन में कुछ भी सर्च करते है तो हमें बहुत सारी वेबसाइट देखने को मिलती है. इन वेबसाइट में कुछ वेबसाइट जो टॉप पर होती हैं उन्हें SEO के द्वारा ही टॉप में लाया जाता है.

आज के समय में गूगल दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन है. इसलिए लगभग सभी वेबसाइट के Owner गूगल को ध्यान में रखकर अपनी वेबसाइट का SEO करते हैं. Website की Ranking के लिए SEO एक महत्वपूर्ण Factor है, इसलिए एक Blogger के लिए SEO के बारे में जानना महत्वपूर्ण है.

इस लेख को आपको SEO क्या होता है, SEO के प्रकार, और SEO करने के तरीकों के बारे में बताएँगे जिससे आपको SEO के बारे में अच्छी जानकारी मिलें.

SEO की शुरुवात (Search Engine Optimization History in Hindi)

SEO क्या है  जानने से पहले हमें यह जानना जरुरी है की SEO की शुरुवात कब हुई थी. इंटरनेट पर पहली वेबसाइट 1991 में बनी ,और इसी साल SEO अस्तित्व में आया.

जब इंटरनेट पर पहली वेबसाइट बनी तो उसके 1 -2 साल बाद बहुत सारी वेबसाइट बन गई और इंटरनेट पर बहुत सारा अलग अलग फील्ड का कंटेंट हो गया था.

अलग – अलग फील्ड का कंटेंट होने के कारण किसी भी यूजर को अपने द्वारा सर्च किये गए Query तक पहुंच पाना मुश्किल हो रहा था. यह पहचानना मुश्किल था कि कौन सा कंटेंट किस फील्ड के बारे में लिखा गया है.

तो इसी समस्या के समाधान के लिए जरुरत पड़ी Search Engine Optimize की. और 1997 में SEO की Proper शुरुवात हुई.

SEO के आने के बाद यह पहचानना बहुत आसान हो गया था कि कौन सा कंटेंट किस फील्ड के बारे में लिखा गया है. और यूजर को अपने द्वारा सर्च किये गए Query या जानकारी तक पहुंचना आसान हो गया था.

आज के समय में SEO बहुत Advance है, यूजर के द्वारा Search किये गए Query के अनुसार हजारों रिजल्ट को Search Engine सेकंड से पहले अपने रिजल्ट पेज पर दिखा देते है.

SEO Kya Hai (What is SEO in Hindi)

SEO का पूरा नाम होता है Search Engine Optimize

किसी भी सर्च इंजन में हम अपने कंटेंट या वेबसाइट की रैंकिंग सुधारने के लिए जो भी सारी तमाम प्रक्रिया करते हैं उसे ही हम SEO कहते हैं.

चूँकि गूगल दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन है. लोग अपने Query लेकर सबसे ज्यादा गूगल के पास जाते हैं, इसलिए सभी अपनी वेबसाइट को गूगल के सर्च रिजल्ट पेज में टॉप पर लाना चाहते हैं. गूगल के 200+ फैक्टर हैं जो किसी भी वेबसाइट की रैंकिंग को प्रभावित करते हैं.

गूगल का जो सर्च इंजन है उसका बेस अल्गोरिथमिक है. गूगल अपने अल्गोरिथम में बदलाव करते रहता है. क्योकि जब भी गूगल को पता चलता है कि कोई उसके अल्गोरिथम समझ गया है, तो गूगल चाहता है कि उसके अल्गोरिथम में कोई हेरफेर न हो इसलिए वह समय समय पर अपने अल्गोरिथम में बदलाव कर देता है. इसलिए SEO की ट्रिक्स भी समय – समय पर बदलते रहती है.

गूगल किसी भी वेबसाइट को अपने अल्गोरिथम के बेस पर सर्च इंजन के रिजल्ट में रैंक करवाता है. जिस वेबसाइट का कंटेंट Quality और Knowledge वाला होगा उस वेबसाइट को गूगल पहले पेज कर दिखाता है और इसी प्रकार यह क्रम चलते रहता है. अपने अल्गोरिथम की कुछ चीजें गूगल ने बताई है और कुछ चीजे नहीं बताई है.

SEO के प्रकार (Types of Search Engine Optimization in Hindi)

अभी तक आप समझ गए होंगे कि What is SEO in Hindi अब जानते हैं SEO कितने प्रकार का होता है .SEO मुख्यतः तीन प्रकार का होता है –

1 – ON Page SEO

On Page SEO हमारे कंटेंट पर आधारित होता है. यह 99 % हमारे हाथ में होता है. हम जितनी अच्छी तरह से अपने कंटेंट का On Page SEO करेंगे उतनी जल्दी हमारी वेबसाइट की गूगल में रैंक करने की संभावना बढ़ जाती है.

On Page SEO को कंटेंट लिखते समय करते हैं इसके अन्दर निम्न बाते आती है –

Keyword Placement, Keyword Research, Meta Description and Title, Heading Tag, Meta tag आदि.

2 – Off Page SEO 

Off page SEO वह होता है जिसके माध्यम से हम अपने वेबसाइट के लिंक को किसी अन्य वेबसाइट या सोशल मीडिया के माध्यम से Promote करते हैं. जिससे कि हमारे वेबसाइट में ट्रैफिक आये.

Off Page SEO की Process को कंटेंट Publish करने के बाद करते हैं इसके अंदर निम्न बातें आती है –

बैकलिंक बनाना , फेसबुक इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया पर अपने कंटेंट को शेयर करना, quora.com इत्यादि.

3 – Technical SEO

Technical SEO वह SEO होता है जिसके माध्यम से हम अपने वेबसाइट को Technically Improve करते हैं. इसका हमारे कंटेंट से कोई लेना देना नहीं होता है.

Technical SEO के अन्दर निम्न बाते आती है –

Hosting, Page Speed को बढ़ाना, SSL Certificate, ब्रोकन लिंक को फिक्स करना, Domain Name आदि.

SEO करने के तरीके

SEO को करने की निम्न 3 विधियाँ हैं –

1 – White Hat SEO

White Hat SEO तकनीकी को गूगल अनुमति देता है | इस विधि में हमारी वेबसाइट को गूगल अपने अल्गोरिथम के बेस पर रैंक कराता है.

अगर हम White Hat SEO तकनीकी  के द्वारा अपनी वेबसाइट को रैंक करते हैं तो हमें गूगल की ओर से कभी कोई समस्या नहीं आएगी. इसलिए हमेशा White Hat SEO  तकनीकी का ही प्रयोग करना चाहिए.

White Hat SEO एक धीमी प्रोसेस है, इसमें हमारी वेबसाइट को रैंक करने में कुछ समय लग जाता है. लेकिन जब हमारी वेबसाइट रैंक होने लगती है , तो हमें इसका बहुत फायदा मिलता है. White Hat SEO तकनीकी के अंदर निम्न बातें आती है –

  • हमारा कंटेंट या आर्टिकल यूनिक होना चाहिए. हमें कही से भी किसी के आर्टिकल को चोरी करके अपने वेबसाइट में नहीं डालना चाहिए. अगर हम ऐसा करते हैं हमारी वेबसाइट की रैंकिंग हमेशा Down रहती है. क्योंकि गूगल के नजर में हम चोर हैं, हम किसी और की मेहनत चुरा के अपने वेबसाइट में डाल रहे हैं.
  • हम अपने कंटेंट में जो इंटरनल या आउटबोंड लिंक देते हैं ,उनको मैचिंग कंटेंट में री – डायरेक्ट होना चाहिए.
  • हमारे वेबसाइट की इमेज कॉपीराइट फ्री और Image SEO Friendly होने चाहिए.

2 – Black Hat SEO

SEO की इस तकनीकी को गूगल बिलकुल भी अनुमति नहीं देता है. Black Hat SEO की तकनीकी गूगल के गाइडलाइन के खिलाफ है. Black Hat SEOवह SEO होता है जिसमे हम अपने white hat SEO को अधिक Optimize करते हैं.

हालाँकि यह प्रोसेस बहुत तेज है, इस तकनीकी का प्रयोग करके हम बहुत कम समय में अपनी वेबसाइट को सर्च इंजन में रैंक करवा सकते हैं. लेकिन अगर गूगल को पता चलेगा कि आपने Black Hat SEO तकनीकी का प्रयोग किया है तो गूगल आपकी वेबसाइट को ब्लॉक कर देगा और आपकी पूरी मेहनत बेकार चली जाएगी.

गूगल बहुत स्मार्ट और एडवांस है , इसलिए इस तकनीकी का प्रयोग कभी भी नहीं करना चाहिए तभी आप Blogging के फील्ड में सफल हो सकते हो. Black Hat SEO तकनीकी के अंदर निम्न बातें आती है –

Clocking – इस तकनीकि का प्रयोग करके हमारी वेबसाइट गूगल सर्च में अलग – अलग कीवर्ड पर रैंक कर जाती है. एक उदहारण के द्वारा इसे समझते हैं, माना आपकी वेबसाइट टेक्नोलॉजी से सम्बंधित है और आपने अपने वेबसाइट में हेल्थ से सम्बंधित कीवर्ड का प्रयोग किया है.

जब गूगल के बोट्स आपकी वेबसाइट को क्रॉल करेंगे तो वे इस पेज को 2 पेज समझ कर क्रॉल कर लेगा. तो अब आपकी वेबसाइट हेल्थ से संबधित कीवर्ड पर भी रैंक करेगी. लेकिन आपका कंटेंट तो टेक्नोलॉजी पर आधारित है इसलिए रीडर्स का गूगल के प्रति अनुभव खराब होगा, जिससे वो गूगल पर आना पसंद नहीं करेगा. गूगल यह बिलकुल भी नहीं चाहता है इसलिए वह आपकी साइट को ब्लॉक कर देगा.

Keyword Stuffing –  इस तकनीकी में हम अपने आर्टिकल में बहुत बार अपने कीवर्ड का प्रयोग करते हैं , जिससे भी रीडर्स का अनुभव खराब होता है. आर्टिकल लिखते समय हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हमारा कीवर्ड पुरे आर्टिकल में 0.5 या 1 प्रतिशत बार ही प्रयोग हुवा हो. माना हम 1000 शब्दों का आर्टिकल लिखते है तो हमारा प्राइमरी कीवर्ड अधिकतम 6 – 10  बार ही आर्टिकल में प्रयोग होना चाहिए.

Copy Content – अगर हम आर्टिकल को दुसरे किसी वेबसाइट से कॉपी / पेस्ट करके लिखते हैं तो यह भी गूगल के गाइड लाइन के खिलाफ है. अधिकतर नए ब्लॉगर इस प्रकार की गलती को करते हैं | जिससे भविष्य में उनकी वेबसाइट ब्लाक हो जाती है.

Spin Article –  बहुत सारे Blogger खुद का कंटेंट नहीं बनाते हैं वे दूसरी वेबसाइट का कंटेंट चुराकर उसे article spin tool के द्वारा rewrite करते हैं और अपने वेबसाइट पर डाल देते हैं. यह भी Black Hat SEO तकनीकी के अंदर आता है.

Hidden Text – जैसा कि नाम से स्पष्ट है इस तकनीकी में हम अपने किसी वर्ड को हाईड कर देते हैं, मतलब छुपा देते हैं. इसमे ब्लॉगर अपने आर्टिकल में वर्ड का कलर और बैकग्राउंड का कलर एक जैसा रखते हैं जिससे कि Text हाईड हो जाता है. Keyword Stuffing की समस्या से बचने के लिए इस तकनीकी को प्रयोग किया जाता है.

Hidden Link – जब हम अपने हिडन Text में कोई लिंक दे हैं तो इसे hidden link कहा जाता है. यह भी Black Hat SEO तकनीकी के अंदर आता है |

Mirror Site – किसी Top Ranked Website के Clone Website को Mirror Site कहते हैं. यह तकनीकी भी Google के गाइडलाइन के विरुद्ध है.

3 –  Gray Hat SEO

Gray Hat SEO वह होता है , जिसमे हम 95 % white hat SEO का  हैं और 5% black hat SEO का प्रयोग करते हैं. Gray Hat SEO को भी गूगल अनुमति नहीं देता है. इसलिए हमें इस तकनीकि का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए | अधिकतर SEO एक्सपर्ट इस तकनीकी का प्रयोग करते हैं.

लोकल SEO क्या है

लोकल SEO वह होता है जिसमे हम अपने आर्टिकल को किसी एक क्षेत्र या एरिया को टारगेट करते हुए लिखते हैं. लोकल SEO में हमारे कीवर्ड कुछ इस प्रकार होते हैं  ‘ SEO Course in Delhi ‘ , ‘ Best Digital Marketing Course in Delhi , Jobs in Delhi ‘ .

इन कीवर्ड में हम एक विशेष क्षेत्र को टारगेट कर रहे हैं . लोकल SEO में हमारे पास ऑडियंस भी कम होती है.

लोकल SEO का प्रयोग अधिकतर वे लोग करते हैं , जो अपने एरिया में जॉब देते हैं या अपने कोई क्लास चलाते हैं, कोई सर्विस देते हैं, प्रोडक्ट बेचते हैं, या किसी एक एरिया की खबरें लिखते हैं.

हमने क्या सीखा :What is SEO in Hindi

SEO हमारे वेबसाइट की रैंकिंग को बढ़ाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है. हमें हमेशा white hat SEO ही करना चाहिए तभी हम Blogging से पैसे कमा सकते हैं.

दोस्तों उम्मीद करता हूँ अब आप समझ गए होंगे कि What is SEO in Hindi और यह हमारी वेबसाइट के लिए कितना जरुरी है. इस लेख को सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ भी जरुर शेयर करें. धन्यवाद||

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