CRM Kya Hai और बिज़नस के लिए यह क्यों जरुरी है?

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग Hindi Tech DR के एक और नए लेख में जिसमें हम बात करने वाले है CRM Kya Hai, CRM कितने प्रकार का होता है, CRM क्यों जरुरी है, CRM काम कैसे करता है तथा CRM के फायदे व नुकसान क्या हैं?

आज के समय में सभी कंपनियां डिजिटल मार्केटिंग के द्वारा अपने बिज़नस को बढ़ा रही है, जिसमें CRM का रोल बहुत महत्वपूर्ण है. CRM के द्वारा कंपनियां अपने कस्टमर की पूरी इनफार्मेशन को व्यवस्थित रूप में रखती है. वैसे दोस्तों CRM कोई नयी चीज नहीं है यह इन्टरनेट के आने से पहले भी मौजूद था.

जैसा कि आप जानते हैं बिज़नस में कस्टमर सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, कंपनियां अपने कस्टमर को पहचानकर अपने प्रोडक्ट की गुणवता में सुधार करती है. बिज़नस और कस्टमर का रिलेशनशिप बनाये रखने के लिए इन्टरनेट के आने से पहले कंपनियां Manually कस्टमर के पास जाती थी और उनसे प्रोडक्ट का फीडबैक लेती थी, और कस्टमर के सभी डेटा का रिकॉर्ड रखती थी.

लेकिन 1980 के दशक में जब इन्टरनेट धीरे – धीरे दुनिया में फ़ैल रहा था तो उसी समय CRM सॉफ्टवेयर की शुरुवात हुई, जिसने Manually Survey को लगभग ख़त्म कर दिया. आज मार्केट में एक से बढ़कर एक CRM सॉफ्टवेयर हैं जो स्वचालित रूप से काम करके बिक्री बढ़ाते हैं और कस्टमर की समस्याओं का समाधान करते हैं.

CRM के विषय में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए लेख को अंत तक पढना जारी रखें. तो चलिए आपका अधिक समय ना लेते हुए शुरू करते हैं आज का यह लेख और जानते हैं CRM क्या है शुरुवात से.

CRM Full Form in Hindi

CRM का फुल फॉर्म Customer Relationship Management होता है जिसे कि हिंदी में ग्राहक संबंध प्रबंधन कहते हैं.

  • CRM full form – Customer Relationship Management
  • CRM full form in Hindi – ग्राहक संबंध प्रबंधन

CRM क्या है (What is CRM in Hindi)

डिजिटल मार्केटिंग में CRM एक मार्केटिंग Strategy या Approach होती है जिसके जरिये Businesses अपने कस्टमर के साथ संबंधों को अच्छा करती है और जो अभी उनके कस्टमर नहीं है उन्हें अपना कस्टमर बनाती है. किसी भी व्यक्ति को कस्टमर बनाने के लिए कंपनियां विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर Lead Generation Campaign चलाती हैं.

CRM एक सॉफ्टवेयर होता है जिसके अन्दर कंपनियां अपने सभी कस्टमर के रिकॉर्ड या डेटा को व्यवस्थित रूप में स्टोर करती है, जिसमें कस्टमर के नाम, नंबर, ईमेल आईडी, एड्रेस आदि इनफार्मेशन हो सकते हैं.

कंपनियां CRM में स्टोर कस्टमर के डेटा को Sales Team को सौंप देती है, और Sales Team हर कस्टमर से प्रोडक्ट के feedback लेती है, जिससे कि अगर प्रोडक्ट में कहीं कमी हो रही है तो उसमें सुधार किया जा सकता है. इसके साथ ही Sales Team लीड को प्रोडक्ट की इनफार्मेशन बताकर उन्हें अपना कस्टमर बनाती है.

CRM सॉफ्टवेयर का उपयोग करने के लिए आपको प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है, बिना प्रशिक्षण के आप CRM सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल नहीं कर पायेंगें.

CRM काम कैसे करता है

जब भी कोई कंपनी CRM का उपयोग करती है तो वह सबसे पहले विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म जैसे गूगल एड्स, फेसबुक एड्, ब्लॉग आदि पर लीड जनरेशन Campaign चलाकर अपने Targeted Audience की लीड को Capture करती है.

कंपनियां Lead को स्टोर करने के लिए CRM का इस्तेमाल करती है. लीड का मतलब ऑडियंस की Contact information से है जैसे नाम, नंबर, ईमेल आईडी, एड्रेस, सोशल मीडिया अकाउंट आदि.

अब कस्टमर के Contact Information का यह CRM Sales Team को दे दिया जाता है, और Sales Team विभिन्न माध्यमों जैसे फोन कॉल, मैसेज, पोस्ट, ईमेल आदि से ऑडियंस को प्रोडक्ट की इनफार्मेशन देती है. अगर ऑडियंस को प्रोडक्ट उसके काम का लगता है तो वह प्रोडक्ट खरीदता है और कंपनी का कस्टमर बन जाता है.

इस प्रकार CRM में कंपनी के हर एक कस्टमर तथा लीड की सारी History व्यवस्थित रूप में रहती है. जब भी कोई Sales Executive किसी कस्टमर से बात करता है तो उसे कस्टमर के बारे में पूरी जानकारी CRM से मिल जाती है जैसे कस्टमर ने कब प्रोडक्ट ख़रीदा, कितने बार प्रोडक्ट ख़रीदा, कब Return किया आदि. तो इस प्रकार से एक CRM काम करता है.

CRM के प्रकार (Types of CRM in Hindi)

लेख को यहाँ तक पढने पर आप समझ गए होंगें कि CRM Kya Hai, चलिए अब बात कर लेते हैं CRM कितने प्रकार के होते हैं. CRM मुख्यतः 3 प्रकार के होते हैं –

  • Operational CRM (परिचालन सीआरएम)
  • Analytical CRM (विश्लेषणात्मक सीआरएम)
  • Collaborative CRM (सहयोगात्मक सीआरएम)
  • चलिए अब इन तीनों को भी एक – एक कर समझते हैं.

#1 – Operational CRM (परिचालन सीआरएम)

बिज़नस की प्रतिदिन की मार्केटिंग को मैनेज करने के लिए Operational CRM का उपयोग किया जाता है, जिसमें Sales, मार्केटिंग ऑटोमेशन, कस्टमर सर्विस ऑपरेशन आदि शामिल हैं. इस प्रकार के CRM को कस्टमर से Related एक्टिविटी के लिए डिजाईन किया जाता है. Operational CRM में कस्टमर से जो भी interaction होता है चाहे वह मार्केटिंग, सेल्स या सर्विस से सम्बंधित हो उसका सारा रिकॉर्ड रहता है.

#2 – Analytical CRM (विश्लेषणात्मक सीआरएम)

Analytical CRM कस्टमर के डेटा को मैनेज करता है. Analytical CRM से आप कस्टमर के डेटा को Gather करते हैं ताकि आपको कस्टमर के बारे में जानकारी मिल सके कि वह कैसे प्रोडक्ट Purchase कर रहा है, प्रोडक्ट के साथ उसका अनुभव कैसा है आदि. Analytical CRM में कस्टमर की Contact Detail, feedback आदि हो सकते हैं, इनकी मदद से आप अपने प्रोडक्ट की गुणवता को बढ़ा सकते हैं.

Analytical CRM के अन्दर निम्नलिखित डेटा हो सकता है –

  • कस्टमर की Sales डेटा जैसे Purchase और Return की जानकारी.
  • कस्टमर का Finincial डेटा जैसे कस्टमर पेमेंट किस Methode से कर रहा है.
  • कस्टमर प्रोडक्ट से संतुष्ट है या नहीं.
  • आपके मार्केटिंग Campaign पर कस्टमर का Reaction आदि.

कुल मिलाकर कहें तो कस्टमर को डेटा को Amalysis करने के लिए Analytical CRM का उपयोग किया जाता है.

#3 – Collaborative CRM (सहयोगात्मक सीआरएम)

जैसा कि नाम से स्पष्ट हो रहा है Collaborative CRM कंपनी के हर स्टाफ को Provide किया जाता है. इसे Strategic CRM के नाम से भी जाना जाता है. Collaborative CRM की मदद से आप कस्टमर के डेटा को विभिन्न टीम जैसे मार्केटिंग, टेक्निकल, सेल्स, सपोर्ट आदि के शेयर कर सकते हैं जिससे कि कंपनी की कोई भी टीम अपने जरुरत के अनुसार डेटा का इस्तेमाल कर पायेगी.

बिज़नस के लिए CRM क्यों जरुरी है

किसी भी बिज़नस के लिए सबसे बड़े Asset उनके कस्टमर होते हैं, अगर आपका कस्टमर आपके प्रोडक्ट और सर्विस से खुश है तो वह लंबे समय तक आपसे जुड़ा रहेगा और अन्य लोगों को भी आपका कस्टमर बनायेगा.

आपका कस्टमर आपके प्रोडक्ट से खुश है या नहीं इसके लिए आपको अपने हर एक कस्टमर का Contact Detail चाहिए जो कि व्यवस्थित रूप से हो, यही पर CRM का उपयोग किया जाता है.

जैसा कि मैंने आपको ऊपर बताया CRM सॉफ्टवेयर में आपके कस्टमर की इनफार्मेशन व्यवस्थित रूप से स्टोर होती है, इसलिए जब भी Sales Team Feadback के लिए कस्टमर को कॉल करेगी तो उन्हें पता होगा कि वह किस कस्टमर से बात कर रहे हैं, कस्टमर कितने समय से प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रहा है आदि. इससे Sales Team के लिए प्रोडक्ट के बारे में कस्टमर की राय जुटाना आसान हो जाता है.

इसके साथ ही आप विभिन्न माध्यमों से लीड जनरेट करके डेटा को CRM में add कर सकते हैं, और Sales टीम लीड को प्रोडक्ट के बारे में समझाकर बिज़नस के लिए नए कस्टमर बना सकती है. आज के समय में लगभग सभी कंपनियां CRM का इस्तेमाल करके अपने बिज़नस को Grow कर रही हैं.

Best CRM Software Name in Hindi

CRM Kya Hai को समझ लेने के बाद अब कुछ CRM सॉफ्टवेयर के बारे में भी जान लेते हैं. आज के समय में मार्केट में अनेक सारे CRM सॉफ्टवेयर प्रदान करवाने वाली कंपनियां हैं, यहाँ हमने आपको कुछ Best CRM सॉफ्टवेयर के बारे में बताया है.

  • Zoho CRM
  • Salesforce
  • Freshsales
  • Maple CRM
  • SalesBabu CRM
  • Agile CRM
  • Focus CRM
  • Cratio CRM

CRM के फायदे (Advantage of CRM in Hindi)

CRM के अनेक सारे फायदे बिज़नस को मिलते हैं, इसके कुछ प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं –

  • CRM बिज़नस और ग्राहक के बीच संबंधों को मजबूत बनाता है.
  • अपने कस्टमर को समझ सकते हैं.
  • CRM के जरिये आप अपने पुराने कस्टमर को Up sale, Down sale कर सकते हैं.
  • CRM में अधिकतर काम ऑटोमेशन पर होता है जिससे कि आपके बिज़नस की Cost कम होगी.
  • नए कस्टमर को Acquire कर सकते हैं.
  • अपने बिज़नस की Growth को बढ़ा सकते हैं.
  • CRM से आप कस्टमर के Behavior को समझकर प्रोडक्ट की बिक्री को बढ़ा सकते हैं.
  • अपने सभी कस्टमर के डेटा को व्यवस्थित कर सकते हैं.

CRM के नुकसान (Disadvantage of CRM in Hindi)

जिस प्रकार हर सिक्के के दो पहलु होते हैं उसी प्रकार से CRM के फायदों के साथ – साथ कुछ नुकसान भी हैं. हालाँकि यह नुकसान इतने अधिक नहीं है कि जो आपको CRM का इस्तेमाल करने से रोके. लेकिन आपकी जानकारी के लिए यहाँ हमने CRM के कुछ नुकसानों के बारे में भी आपको बताया है.

  • CRM सॉफ्टवेयर Costaly होते हैं.
  • CRM सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने के लिए आपको ट्रेनिंग की आवश्यकता होती है.
  • CRM सॉफ्टवेयर में स्टोर डेटा अगर किसी Third party कंपनी के पास चला जाता है तो वह आपके कस्टमर के डेटा का गलत उपयोग कर सकते हैं. आये दिन ऐसी ख़बरें आते रहती हैं कि फलाने कंपनी का डेटा लीक हो गया.
  • चूँकि CRM ऑटोमेशन पर काम करता है इसलिए आपको अपने कंपनी से Employee को निकलना पड़ सकता है.

FAQ: CRM Kya Hai हिंदी में

Q – सीआरएम का मतलब क्या होता है?

CRM एक प्रकार का सॉफ्टवेयर होता है जिसके द्वारा कोई भी बिज़नस अपने कस्टमर के साथ संबंधों का प्रबंधन और सपोर्ट करता है.

Q – सीआरएम का फुल फॉर्म क्या है?

CRM का फुल फॉर्म Customer Relationship Management है जिसे हिंदी में ग्राहक संबंध प्रबंधन कहते हैं.

Q – सीआरएम का अनुप्रयोग क्या है?

CRM का उपयोग कस्टमर के साथ Interaction के लिए किया जाता है. कंपनियां CRM के जरिये अपने प्रत्येक कस्टमर के डेटा को व्यवस्थित रूप से स्टोर करके रखती है और अपने कस्टमर से प्रोडक्ट की फीडबैक लेती है तथा नए लीड को कस्टमर बनाती हैं.

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निष्कर्ष: CRM Full Form in Hindi

आज के इस ब्लॉग पोस्ट में हमने जाना कि Customer Relationship Management यानि CRM Kya Hai. इस आर्टिकल में हमने कोशिस की है कि आपको CRM के विषय में विस्तृत जानकारी दे सकें जिससे कि आपके मन में CRM से सम्बंधित कोई भी डाउट शेष ना रहें.

यदि अभी भी आपके मन में CRM से समबन्धित कोई प्रश्न हैं तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं, हम जल्दी ही आपके सभी सवालों का जवाब देने की कोशिस करेंगें. और यदि इस लेख को आपको कुछ सीखने को मिला है तो इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया के जरिये शेयर भी करें.

लेख को अंत तक पढने के लिए धन्यवाद||

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