Affiliate Marketing Kya Hai, कैसे करें और इसके फायदे व नुकसान

Affiliate Marketing ऑनलाइन पैसे कमाने का सबसे Powerful तरीका है, जिसके द्वारा आप लाखों रूपये महीने के आसानी से कमा सकते हैं. पर एफिलिएट मार्केटिंग करने के लिए यह पता होना भी जरुरी है कि सही तरीके से एफिलिएट मार्केटिंग कैसे करें.

यदि आप एफिलिएट मार्केटिंग के बारे में जानना चाहते हैं और इसे सीखना चाहते हैं तो आप एकदम सही लेख पर आये हैं. इस लेख में मैंने आपको Affiliate Marketing Kya Hai, एफिलिएट मार्केटिंग काम कैसे करती है, एफिलिएट मार्केटिंग कैसे करें, तथा एफिलिएट मार्केटिंग के फायदे और नुकसानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी है. मुझे पूरा भरोसा है कि इस लेख को पढने के बाद आप Affiliate Marketing को जरुर सीख जायेंगे.

तो चलिए शुरू करते हैं आज का यह लेख और जानते हैं एफिलिएट मार्केटिंग क्या है विस्तार से.

Table Of Contents
  1. एफिलिएट मार्केटिंग क्या है (Affiliate Marketing Kya Hai)
  2. एफिलिएट मार्केटिंग काम कैसे करती है
  3. एफिलिएट मार्केटिंग से जुड़े महत्वपूर्ण टर्म
  4. एफिलिएट मार्केटिंग कैसे करें (Affiliate Marketing Kaise Kare)
  5. एफिलिएट मार्केटिंग के फायदे (Advantage of Affiliate Marketing)
  6. एफिलिएट मार्केटिंग के नुकसान (Disadvantage of Affiliate Marketing)
  7. FAQ: Affiliate Marketing Kya Hai
  8. निष्कर्ष: Affiliate Marketing in Hindi

एफिलिएट मार्केटिंग क्या है (Affiliate Marketing Kya Hai)

Affiliate Marketing एक ऐसी ऑनलाइन मार्केटिंग होती है जिसमें एक Affiliate अन्य कंपनी या व्यक्ति के प्रोडक्ट को अपनी Marketing strategy के द्वारा बेचकर कमीशन प्राप्त करता है. यह कमीशन 5% से लेकर 90% या इससे भी अधिक हो सकता है.

एफिलिएट simply एफिलिएट प्रोग्राम को ज्वाइन करके उन Product को Find कर सकता है जिसमें उसे Interest है, और फिर प्रोडक्ट की एफिलिएट लिंक लेकर विभिन्न माध्यमों जैसे ब्लॉग, YouTube, सोशल मीडिया आदि के द्वारा प्रमोट कर सकता है.

जब कोई यूजर उसकी एफिलिएट लिंक पर क्लिक करके प्रोडक्ट खरीदता है तो Affiliate को कुछ प्रतिशत कमीशन मिलता है, जो कि एक एफिलिएट की कमाई होती है. यह कमीशन एफिलिएट प्रोग्राम, प्रोडक्ट केटेगरी, प्रोडक्ट आदि पर निर्भर करता है.

एफिलिएट मार्केटिंग काम कैसे करती है

Affiliate Marketing kaise karen

Affiliate Marketing की कार्यप्रणाली को समझने के लिए हम इसे चार भागों में बाँट सकते हैं –

  • प्रोडक्ट निर्माता
  • एफिलिएट
  • एफिलिएट प्रोग्राम
  • कस्टमर

सबसे पहले प्रोडक्ट निर्माता या कंपनी अपना प्रोडक्ट बनाती हैं, वह चाहें तो अपना प्रोडक्ट खुद मार्केट कर सकती हैं लेकिन वे मार्केटिंग में इतनी अच्छी नहीं होती और साथ में ही उन्हें अपने प्रोडक्ट को प्रमोट करने के लिए सही लोगों की तलाश होती है इसलिए वे एफिलिएट को ढूंढते हैं.

एफिलिएट को ढूंढने के लिए कंपनी Affiliate Platform पर जाती हैं और वहां अपने प्रोडक्ट को लिस्ट करवाती है, इन एफिलिएट प्लेटफॉर्म पर एफिलिएट भी रहते हैं. एफिलिएट प्लेटफॉर्म एफिलिएट और कंपनी को आपस में जोडती है.

एफिलिएट प्लेटफॉर्म प्रोडक्ट की पूरी जानकारी Affiliate को बताते हैं जैसे कि कौन सा प्रोडक्ट उनके प्लेटफॉर्म पर कितना बिक रहा है, कौन से प्रोडक्ट को कितने एफिलिएट प्रमोट कर रहे हैं आदि.

जो एफिलिएट होते हैं वे अपने Interest के अनुसार प्रोडक्ट की एफिलिएट लिंक को प्राप्त करते हैं और उसे विभिन्न माध्यमों से प्रमोट करते हैं. जब कोई यूजर एफिलिएट लिंक पर क्लिक करके प्रोडक्ट खरीदता है तो Affiliate को कमीशन मिलता है. और कंपनी को कस्टमर.

Affiliate Platform प्रत्येक बिक्री का कुछ प्रतिशत अपने पास रखते हैं और बाकि एफिलिएट को दे देते हैं. एफिलिएट बैंक ट्रान्सफर, PayPal आदि तरीकों के द्वारा Payment को ले सकता है. तो इस प्रकार से एफिलिएट मार्केटिंग काम करती है.

एफिलिएट मार्केटिंग से जुड़े महत्वपूर्ण टर्म

जब आप एफिलिएट मार्केटिंग करेंगे तो आपको अनेक प्रकार के शब्द सुनने को मिलेंगे जिनके बारे में आपको पता होना आवश्यक है.

Affiliate – एफिलिएट उस व्यक्ति को कहा जाता है जो Affiliate Program को ज्वाइन करता है और विभिन्न कंपनियों के प्रोडक्ट को प्रमोट करके कमीशन प्राप्त करता है.

Vendor या Merchant – वह व्यक्ति या कंपनी जी प्रोडक्ट को बनाती है उसे Vendor या Merchant कहा जाता है. Affiliate इन्हीं के प्रोडक्ट को प्रमोट करते हैं.

Affiliate Platform – ऐसी वेबसाइट जहाँ पर Affiliate और Vendor रहते हैं उन्हें Affiliate Platform कहते हैं. ऐसी वेबसाइट को Affiliate Marketplace भी कहा जाता है.

Affiliate Link – यह एक यूनिक लिंक होती है जिसके द्वारा एफिलिएट प्रोडक्ट को प्रमोट करता है.

Affiliate ID – जब एफिलिएट किसी Affiliate Platform में Sign up करता है तो उसे एक यूनिक ID दी जाती है जिसे कि Affiliate ID कहते हैं. अधिकतर प्लेटफॉर्म में Affiliate ID का इस्तेमाल एफिलिएट लिंक Generate करने के लिए करते हैं.

Commission – जब एफिलिएट एक Successful Sale कर लेता है तो जो Amount उसे दिया जाता है उसे Commission कहते हैं.

एफिलिएट मार्केटिंग कैसे करें (Affiliate Marketing Kaise Kare)

लेख को यहाँ तक पढने पर आप समझ गए होंगे कि Affiliate Marketing Kya Hai. अब हमारे इस लेख का सबसे महत्वपूर्ण भाग शुरू होने वाला है, इसमें आपको Affiliate Marketing को शुरू करने के पूरे Step के बारे में क्रमबद्ध तरीके से बताया गया है. आप इन Step को Follow करके एफिलिएट मार्केटिंग शुरू कर सकते हैं, और इससे लाखों रूपये महीने के कमा सकते हैं.

Chapter – 1 Niche सेलेक्ट करें

किसी भी बिज़नस को शुरू करने का पहला कदम Niche होता है. चूँकि Affiliate Marketing भी एक बिज़नस है, इसलिए इसमें भी आपको Niche चुनना जरूरी होता है. चलिए जानते हैं Niche के बारे में.

Niche क्या है (What is a Niche)

Niche एक केटेगरी या टॉपिक होता है, जिसमें आप एफिलिएट मार्केटिंग करते हैं. दुनिया में कोई भी बिज़नस हो चाहे ऑनलाइन या ऑफलाइन एक Niche का Select करना बहुत आवश्यक है. बिना Niche के आप एफिलिएट मार्केटिंग नहीं कर सकते हैं. Niche एफिलिएट मार्केटिंग में सफलता की ओर पहला और महत्वपूर्ण कदम है.

Niche के प्रकार (Type of Niche)

सभी Niche को 4 भागों में बांट सकते हैं –

  • Health (स्वास्थ) – डाइट, बॉडीबिल्डिंग, सप्लीमेंट, फिटनेस, एक्सरसाइज, सुन्दरता आदि
  • Wealth (सम्पति) – ऑनलाइन पैसे कमायें, ट्रेडिंग, क्रिप्टोकरेंसी, बिज़नस, ऑनलाइन मार्केटिंग आदि.
  • Relationship (रिश्ता) – शादी – विवाह, डेटिंग आदि.
  • Spirituality (आध्यामिकता) – ज्योतिष, अंकज्योतिष, मैडिटेशन आदि.

Niche कैसे चुनें (How to Decide Niche)

सभी बिज़नस इन चारों केटेगरी में बंटे हुए हैं. आपको सबसे पहले इन चारों में से अपने Interest के अनुसार एक Niche को सेलेक्ट कर लेना है, और फिर उस Niche को Narrow Down करके अपने लिए सही Niche Decide करनी है.

जैसे Health आपकी Niche है तो आप डाइट, बॉडीबिल्डिंग, Nutrition, फिटनेस, सुन्दरता आदि में एक ही माइक्रो निच पर काम करें. एक निच सेलेक्ट करके आपके पास ऑडियंस भी एक ही Niche की होगी और आपको अच्छा Conversion मिलेगा.

कई लोग शुरुवात में ही अलग – अलग Niche पर काम करने लगते हैं, जिससे उन्हें अच्छे रिजल्ट नहीं मिलते हैं, और वे सोचते हैं कि एफिलिएट मार्केटिंग काम नहीं करती है. लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है अगर आप एक माइक्रो निच पर काम करेंगे तो आप Affiliate Marketing से जरुर अच्छी कमाई करेंगे.

चलिए एक उदाहरण के द्वारा समझते हैं. माना दो डॉक्टर हैं, जिनमें से एक केवल दाँतों का डॉक्टर है और दूसरा सब कुछ का. अब आप ही सोचिये कोई दांत का Patient होगा तो वह किसके पास जायेगा, जाहिर सी बात है वह दांत के डॉक्टर से सलाह लेगा. क्योंकि वह एक विशेषज्ञ डॉक्टर है.

इसी प्रकार एफिलिएट मार्केटिंग में भी होता है, अगर आप एक माइक्रो निच सेलेक्ट करेंगे तो लोग आपके द्वारा Recommended प्रोडक्ट को खरीदेंगे और आप अच्छे पैसे कमा पायेंगे. इस उदाहरण से आप एफिलिएट मार्केटिंग में Niche की Value समझ गए होंगे. आप दुसरे Chapter को पढने से पहले एक निच Decide कर लें.

Chapter – 2 एफिलिएट प्लेटफॉर्म ज्वाइन करें

जब आप एक Niche को Decide कर लेते हैं, तो अगला स्टेप आता है एफिलिएट प्लेटफॉर्म को ज्वाइन करने का.

एफिलिएट प्लेटफ़ॉर्म क्या है (What is Affiliate Platform)

एफिलिएट प्लेटफॉर्म ऐसी वेबसाइटें होती हैं जिनमें Vendor और Affiliate दोनों रहते हैं. Vendor अपने प्रोडक्ट को इन वेबसाइटों में लिस्ट करवाते हैं और Affiliate उन प्रोडक्ट की मार्केटिंग करते हैं और बिक्री पर कमीशन प्राप्त करते हैं.

एफिलिएट प्लेटफ़ॉर्म की जरुरत क्यों पड़ी?

कई लोगों के मन में यह सवाल भी आता है कि क्यों एफिलिएट प्लेटफॉर्म की जरुरत पड़ी? क्या Affiliate सीधे कंपनी से Contact करके Affiliate Marketing नहीं कर सकते हैं? चलिए इसका जवाब भी जानते हैं.

पहले जब एफिलिएट प्लेटफॉर्म नहीं हुआ करते थे तो कई Vendor एफिलिएट के साथ Fraud कर देते थे, यानि एफिलिएट प्रोडक्ट को बिकवा देते थे लेकिन Vendor उन्हें Payment नहीं करते थे.

इसके अलावा भी अनेक सारी समस्यायें थी, जैसे कि वेंडर का सही एफिलिएट के पास ना पहुँच पाना, वेंडर का एफिलिएट को सही डेटा ना दिखाना आदि. इन सारी समस्याओं से निपटने के लिए जरुरत पड़ी एफिलिएट प्लेटफॉर्म की.

एफिलिएट प्लेटफ़ॉर्म के फायदे

एफिलिएट प्लेटफॉर्म के आने से निम्नलिखित फायदे हुए, इसके फायदे एफिलिएट के साथ – साथ वेंडर को भी मिलें.

  • एफिलिएट प्लेटफॉर्म Vendor और Affiliate को एक साथ जोड़ता है.
  • Vendor को अपने प्रोडक्ट के लिए Best Affiliate मिलते हैं.
  • Vendor और Affiliate के बीच पारदर्शिता बनती है.
  • Affiliate निडरता के साथ प्रोडक्ट को बेच कर पैसे कमाता है.
  • Affiliate अपने डैशबोर्ड में Vendor और उसके प्रोडक्ट की History Check कर सकता है. मतलब प्रोडक्ट बिक रहा है या नहीं, कितने लोग प्रोडक्ट को प्रमोट कर रहे हैं आदि.
  • Affiliate के पास चुनने के लिए अधिक प्रोडक्ट होते हैं.

कुछ लोकप्रिय एफिलिएट प्रोग्राम (Best Affiliate Program)

आज के समय में अनेक सारे एफिलिएट प्रोग्राम मौजूद हैं जिन्हें आप ज्वाइन कर सकते हैं, और उनके प्रोडक्ट को प्रमोट कर सकते हैं. कुछ Best Affiliate Program हमने आपको नीचे बतायें हैं.

  • Amazon Associate
  • Clickbank
  • Warrior Plus
  • Digistore 24
  • Share A Sale
  • JVZoo
  • Commission Junction
  • Impact Radius
  • Clickfunnel
  • Groovefunnel इत्यादि.

कौन सा एफिलिएट प्रोग्राम ज्वाइन करें?

अधिकतर शुरुवाती एफिलिएट मार्केटर के साथ यह समस्या आती है कि उन्हें समझ में नहीं आता है किस एफिलिएट प्रोग्राम को ज्वाइन करें. तो इसका जवाब है कि आप दो या तीन एफिलिएट प्रोग्राम को ज्वाइन कर सकते हैं, और फिर उनमें Check करें कि आपके Niche के प्रोडक्ट किस एफिलिएट प्रोग्राम में अधिक हैं, और कहाँ ज्यादा कमीशन मिल रहा है.

यह सब चीजें Check करके आप शुरुवात में एक ही एफिलिएट प्रोग्राम के प्रोडक्ट को प्रमोट करें. जब आपको कुछ Sale आ जायेगी तो आप भिन्न – भिन्न प्रोग्राम को ज्वाइन करके प्रोडक्ट को प्रमोट कर सकते हैं.

Chapter – 3 अपना प्रोडक्ट चुनें

किसी भी Affiliate Platform में आपको अपनी Niche से Related ढेर सारे प्रोडक्ट मिल जायेंगे, यहाँ पर आप Confuse हो सकते हैं कि किस प्रोडक्ट को प्रमोट करे और किसे नहीं. इसके बारे में हमने आपको इस Chapter में बताया है.

एफिलिएट प्रोडक्ट के प्रकार (Types of Affiliate Product)

एफिलिएट प्रोडक्ट सेलेक्ट करने से पहले आपको प्रोडक्ट के प्रकार के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए. एफिलिएट प्रोडक्ट मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं.

1. Low Ticket Product – ऐसे एफिलिएट प्रोडक्ट जिनमें कमीशन कम होता है उन्हें Low Ticket Product कहते हैं. इनमें कमीशन 10$ से लेकर 50$ तक होता है.

2. High Ticket Product – ऐसे एफिलिएट प्रोडक्ट जिनमें कमीशन बहुत अधिक होता है उन्हें High Ticket Product कहते हैं. इनमें कमीशन 50$ से लेकर 500$ या इससे अधिक का होता है.

सभी एफिलिएट प्रोग्राम में आपको दोनों प्रकार के प्रोडक्ट मिल जायेंगे.

एफिलिएट प्रोडक्ट कैसे चुनें (How to Select Product)

एक नए Affiliate Marketer को शुरुवात में Low Ticket प्रोडक्ट को ही प्रमोट करना चाहिए, क्योंकि इसमें Sale लाने के लिए आपको कोई बहुत ज्यादा Effort नहीं लगाने पड़ेंगे. लेकिन अगर आप शुरुवात में ही High Ticket प्रोडक्ट को प्रमोट करेंगे तो आपको Sale लाने के लिए एक अच्छी strategy के साथ कड़ी मेहनत की जरूरत होती हैं.

क्योंकि शुरुवात में इतना अधिक नॉलेज नहीं होता है तो High Ticket प्रोडक्ट में Sale लाना आपके लिए बहुत मुश्किल हो जाएगा. और इसमें Competition भी बहुत अधिक होता है. इसलिए शुरुवात में Low Ticket प्रोडक्ट को ही प्रमोट करें.

प्रोडक्ट सेलेक्ट करने में आप इस बात का ध्यान भी रखें कि जिस प्रोडक्ट को आप प्रमोट कर रहे हैं वह मार्केट में बिक भी रहा है या नहीं. यह Check करने के लिए आप एफिलिएट प्रोग्राम की Matrix को Check कर सकते हैं.

लगभग सभी एफिलिएट प्रोग्राम के पास अलग – अलग Matrix होती है जिनके द्वारा वह एफिलिएट को प्रोडक्ट की सही जानकारी देते हैं. जैसे Clickbank की बात करें तो Gravity के आधार पर आप पता कर सकते हैं प्रोडक्ट पर कितना Comptition है, कितने एफिलिएट उसे प्रमोट कर रहे हैं आदि.

Chapter – 4 Promotion के लिए प्लेटफ़ॉर्म Setup करें

अब आपके पास एक प्रोडक्ट है, आपको उस प्रोडक्ट को Digital Asset के द्वारा प्रमोट करना है. आप अपने प्रोडक्ट के लिए Perfect Platform को सेलेक्ट करें जहाँ से आप ट्रैफिक लेकर आयेंगे और प्रोडक्ट को बेच कर कमीशन प्राप्त कर सकते हैं. कुछ लोकप्रिय प्लेटफ़ॉर्म मैंने आपको नीचे बतायें हैं जिनके द्वारा आप आसानी से एफिलिएट प्रोडक्ट को प्रमोट कर सकते हैं.

1 – ब्लॉग बनायें

आप ब्लॉग के द्वारा एफिलिएट प्रोडक्ट को प्रमोट कर सकते हैं. इसके लिए आपको पहले एक ब्लॉग बनाना पड़ेगा और उस पर आप प्रोडक्ट का Review Article लिखकर पब्लिश कर सकते हैं. और जब आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक आएगा तो आप जिंदगीभर एफिलिएट मार्केटिंग से पैसे कमाते रहेंगे.

ब्लॉग बनाने के लिए आप डोमेन और होस्टिंग की जरुरत पड़ती है. आप Bluehost से होस्टिंग खरीद सकते हैं और WordPress पर अपना ब्लॉग Setup कर सकते हैं. Bluehost में आपको सभी होस्टिंग प्लान में एक फ्री डोमेन मिल जाता है जिससे आपके डोमेन के पैसे भी बच जायेंगे. और इस होस्टिंग की स्पीड बहुत अच्छी है. आप नीचे बटन पर क्लिक करके Bluehost में ऑफर देख सकते हैं.

वर्डप्रेस ब्लॉग बनाने के लिए आप इस लेख को पढ़ सकते हैं – वर्डप्रेस ब्लॉग कैसे बनायें.

2 – YouTube चैनल बनायें

YouTube चैनल भी Affiliate Marketing करने का एक अच्छा जरिया है. आप प्रोडक्ट के बारे में विडियो बना सकते हैं. कई Affiliate Marketer YouTube चैनल के द्वारा प्रोडक्ट को प्रमोट करके अच्छी कमाई कर रहे हैं.

3 – सोशल मीडिया पर पेज बनायें

आप सोशल मीडिया पर पेज बनाकर भी Affiliate Marketing कर सकते हैं. आज लगभग सभी लोग किसी ना किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जुड़े हैं, और अपना अधिकतर समय सोशल मीडिया पर ही बिताते हैं. इसलिए एफिलिएट मार्केटर के पास एक अच्छा मौका होता है कि सोशल मीडिया पर पेज बनाकर प्रोडक्ट को बेच सके और कमीशन प्राप्त कर सके.

कुछ Best Social Media Platform निम्नलिखित हैं जहाँ से अच्छा Conversion मिलता है.

  • Facebook
  • Instagram
  • Pinterest
  • Twitter
  • Reddit
  • Linkdin इत्यादि.

4 – Landing Page या Funnel बनायें

आप Landing Page या Funnel बनाकर भी Affiliate Marketing कर सकते हैं. मार्केट में अनेक सारे Advance सॉफ्टवेयर हैं जिनके द्वारा Landing Page या Funnel बनाना बहुत आसान है. Landing Page को आप सोशल मीडिया, YouTube, अन्य माध्यमों के द्वारा प्रमोट कर सकते हैं. आपको ऐसा landing page बनाना चाहिए जिससे यूजर Convert हो सके.

Landing Page बनाने के लिए कुछ सॉफ्टवेयर निम्नलिखित हैं –

  • Clickfunnel
  • Builderall 
  • Groovfunnel
  • WordPress

5 – Email Marketing करें

आप अपने ब्लॉग या landing page में लोगों के ईमेल को Collect कर सकते हैं, और ईमेल मार्केटिंग के द्वारा भी एफिलिएट प्रोडक्ट को बेचकर पैसे कमा सकते हैं. अगर आपके पास एक Niche के लोगों की ईमेल होगी तो आप उन्हें भविष्य में Same Niche का कोई दूसरा प्रोडक्ट भी मार्केट कर सकते हैं. ईमेल मार्केटिंग बहुत Powerful है.

Email marketing के कुछ Software निम्नलिखित हैं –

  • Mailchimp
  • Aweber
  • Get Response
  • HubSpot

आप ब्लॉग या YouTube चैनल के द्वारा एफिलिएट मार्केटिंग की शुरुवात कर सकते हैं, और इसके साथ में कुछ सोशल मीडिया पेज सेटअप कर सकते हैं.

Chapter – 5 ट्रैफिक

जब आप एफिलिएट प्रोडक्ट को प्रमोट करने के लिए एक प्लेटफॉर्म Setup कर लेते हैं तो अगला स्टेप आता है उस पर ट्रैफिक लाने का. इस Chapter में हम ट्रैफिक के बारे में ही बात करेंगें.

ट्रैफिक कैसे लायें (How to Drive Traffic)

ट्रैफिक को आप दो प्रकार से ला सकते हैं. Organic और Paid.

1. Organic TrafficOrganic Traffic ऐसा ट्रैफिक होता है जो आपके वेबसाइट पर सीधे सर्च इंजन के द्वारा आता है. ऑर्गनिक ट्रैफिक के लिए आपको कोई पैसे नहीं देने होते हैं. ठीक इसी प्रकार सोशल मीडिया पेज में जो ट्रैफिक बिना पैसे के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आता है उसे ऑर्गनिक ट्रैफिक कहा जाता है.

ऑर्गनिक ट्रैफिक SEO (Search Engine Optimization) या SMO (Social Media Optimization) के प्रयासों से आता है. चूँकि Organic Traffic बिल्कुल फ्री होता है इसलिए इसमें Result मिलने में कुव्ह समय लगता है. आपको अच्छा ट्रैफिक लाने के लिए 3 महीने से लेकर 1 साल का समय भी लग सकता है.

लेकिन इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक बार आपके पोस्ट रैंक करने लगते हैं तो आपको हमेशा फ्री में ट्रैफिक मिलता रहेगा, और प्रोडक्ट की बिक्री होते रहेगी.

ऑर्गनिक ट्रैफिक लाने के लिए आप निम्नलिखित कुछ टिप्स को फॉलो कर सकते हैं.

  • कंटेंट का SEO करें.
  • कीवर्ड रिसर्च करें और Low Competition कीवर्ड Find करके उनपर काम करें.
  • नियमित रूप से कंटेंट पब्लिश करते रहें.
  • कंटेंट को शेयर करें.
  • अगर आप ब्लॉग बनाकर प्रोडक्ट प्रमोट कर रहे हैं तो उस पोस्ट के लिए बैकलिंक बनायें.

2. Paid Traffic – Paid Traffic ऐसा ट्रैफिक होता है जो आपको सर्च इंजन और सोशल मीडिया पर Paid campaign के द्वारा मिलता है. Paid ट्रैफिक लाने के लिए आपको सर्च इंजन या सोशल मीडिया पर Advertisement करना पड़ता है.

चूँकि इसमें आपको ट्रैफिक लाने के लिए पैसे देने होते हैं इसलिए Result भी तुरंत मिल जाते हैं. पर Paid ट्रैफिक में आप जब Ad चलाना बंद कर देंगे तो प्रोडक्ट की बिक्री नहीं होगी.

Paid Traffic लाने के लिए आप Google, YouTube, Facebook, Instagram, Bing आदि पर Paid Ad चला सकते हैं. सर्च इंजन में Paid Ad चलाने के लिए आपको एक Landing Page की जरुरत पड़ेगी और सोशल मीडिया पर Paid Ad चलाने के लिए Landing Page के साथ एक सोशल मीडिया पेज की जरुरत पड़ेगी.

बिना Landing Page के आप Paid Method से एफिलिएट मार्केटिंग नहीं कर सकते हैं. क्योंकि सर्च इंजन और सोशल मीडिया दोनों ही Direct Link की अनुमति नहीं देते हैं.

कौन सा ट्रैफिक सही है

अगर आप एफिलिएट मार्केटिंग में बिल्कुल नए हैं तो आपको ऑर्गनिक ट्रैफिक को चुनना चाहिए. क्योंकि Paid Traffic में कई बार ऐसा होता है कि आपके पैसे भी खर्च हो जाते हैं और एक भी Sale नहीं आती है. इससे आपको निराशा मिलेगी.

इसलिए आप Organic Traffic से शुरुवात करें, और जब आपको Result मिलने लगेंगे तो आप Paid Method के द्वारा भी Affiliate Marketing कर सकते हैं.

Chapter – 6 एफिलिएट मार्केटिंग से पैसे कमायें

यहाँ तक पढने के बाद आप समझ गए होंगे कि एफिलिएट मार्केटिंग से पैसे कैसे कमा सकते हैं. अगर आपको एफिलिएट मार्केटिंग से पैसे कमाने की पूरी Summery बताऊँ तो वह इस प्रकार से हैं.

एफिलिएट मार्केटिंग में आपको अन्य कंपनियों या व्यक्ति के प्रोडक्ट को एक लिंक के द्वारा अपने Digital Asset और marketing strategy के द्वारा बेचना होता है. जब यूजर आपके एफिलिएट लिंक पर क्लिक करके प्रोडक्ट को खरीदते हैं तो कंपनी इसका कुछ प्रतिशत कमीशन आपको देती है जिससे आपकी एफिलिएट मार्केटिंग के द्वारा कमाई होती है.

Useful Tips

एफिलिएट मार्केटिंग में सफलता प्राप्त करने के लिए कुछ उपयोगी टिप्स मैंने नीचे बताई है.

ऑडियंस को कुछ Value दें

अगर आप एफिलिएट मार्केटिंग के बिज़नस में सफल होना चाहते हैं तो आपको लोगों को कुछ Value देना पड़ेगा. आप ही सोचिये कि क्यों लोग आपके लिंक पर क्लिक करके प्रोडक्ट को खरीदेंगे. ऐसा तो नहीं है कि आपके लिंक पर क्लिक करके उन्हें बहुत ज्यादा Discount मिलेगा.

जब लोगों को वही प्रोडक्ट ऑफिसियल वेबसाइट पर Same Price में मिल रहा है तो वे सीधे वेबसाइट पर जाकर प्रोडक्ट को खरीद सकते हैं. यहीं पर Value का Concept आता है.

एक उदाहरण से समझते हैं माना आप Bluehost का एफिलिएट ब्लॉग के द्वारा कर रहे हैं. तो आप अपने ब्लॉग पर Bluehost का एक एक Review आर्टिकल लिख सकते हैं जिसमें लोगों को बता सकते हैं कि कैसे Bluehost उनकी मदद कर सकता है, इसके क्या फायदे उनको हो सकते हैं.

इस प्रकार से आपने लोगों को कुछ Value दी, उन्हें Bluehost के बारे में बताया, तो इसमें अधिक Chance हैं कि वे आपकी एफिलिएट लिंक पर क्लिक करके प्रोडक्ट को खरीदेंगे.

कई लोग इस प्रकार से भी Affiliate Marketing करते हैं कि वे प्रोडक्ट का लिंक लेकर जगह – जगह उसे पेस्ट करने लगते हैं जैसे कि YouTube कमेंट, फेसबुक ग्रुप, इन्स्टाग्राम पर DM करके आदि तरीकों से. इस प्रकार से आप एफिलिएट मार्केटिंग में सफल नहीं हो सकते हैं. एफिलिएट मार्केटिंग बिज़नस में सफलता प्राप्त करने के लिए आपको लोगों को कुछ ना कुछ Value देनी पड़ेगी.

ऑडियंस को कुछ Bonus दें

अगर आप लोगों को कुछ बोनस देंगे तो इससे अधिक संभावना होगी कि लोग आपकी लिंक के द्वारा प्रोडक्ट को खरीदेंगे.

उदाहरण के लिए माना आप Bluehost का एफिलिएट कर रहे हैं तो बोनस के रूप में Blogging की E-book दे सकते हैं, या फिर वर्डप्रेस डिजाईन करने के विडियो बोनस के रूप में दे सकते हैं. इससे आपकी Sale जरुर Increase हो जायेगी.

अगर आप बिल्कुल नए हैं तो बोनस के लिए PLR प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं. Privet Level Right (PLR) ऐसे प्रोडक्ट होते हैं जिसमें आप किसी दुसरे के प्रोडक्ट का Rights ले सकते हैं और उसके कंटेंट के Author बन सकते हैं. इसमें कोई Copyright issue नहीं आता है.

PLR प्रोडक्ट को आप फ्री में PLR वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं. आप गूगल में सर्च करेंगे PLR Product Website तो आपको अनेक सारी वेबसाइट मिल जायेंगी, जहाँ से आप फ्री में PLR प्रोडक्ट डाउनलोड कर सकते हैं और उसे बोनस के रूप में दे सकते हैं. तो दोस्तों इस प्रकार से आप Affiliate marketing कर सकते हैं और अनलिमिटेड पैसे कमा सकते हैं.

एफिलिएट मार्केटिंग के फायदे (Advantage of Affiliate Marketing)

एफिलिएट मार्केटिंग करने के अनेक सारे फायदे होते हैं जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं –

  • एफिलिएट मार्केटिंग को आप घर से ही कर सकते हैं. बस आपके पास एक लैपटॉप और इन्टरनेट कनेक्शन होना चाहिए.
  • आप घर बैठे पैसे कमा सकते हैं और 9 से 5 की नौकरी को छोड़ सकते हैं.
  • एफिलिएट मार्केटिंग शुरू करने के लिए आपको अधिक निवेश की जरुरत नहीं होती है.
  • एफिलिएट मार्केटिंग से 24/7 अनलिमिटेड पैसे कमा सकते हैं.
  • आप बिना खुद के प्रोडक्ट के भी ऑनलाइन बिज़नस कर सकते हैं.
  • आपको प्रोडक्ट का सपोर्ट देने की कोई जरुरत नहीं होती है, एफिलिएट को केवल प्रोडक्ट बिकवाना होता है और बाकी का काम Vendor का होता है.
  • एफिलिएट मार्केटिंग को शुरू करना कोई मुश्किल काम नहीं है.

एफिलिएट मार्केटिंग के नुकसान (Disadvantage of Affiliate Marketing)

एफिलिएट मार्केटिंग के फायदों के साथ – साथ कुछ नुकसान भी हैं जैसे कि –

  • अगर आप Paid Method से एफिलिएट मार्केटिंग करते हैं तो इस बात की संभावना भी होती है कि आपको एक भी Sale ना आये और आपके पैसे बेकार चले जायें.
  • आपको Vendor की गाइडलाइन का पालन करके ही प्रोडक्ट बेचना पड़ता है, अगर आप उनके नियमों का उलंघन करते हैं तो वे आपको अपने प्रोग्राम को हटा सकते हैं.
  • आप अपनी तरफ से प्रोडक्ट को कुछ भी डिस्काउंट नहीं दे सकते हैं.
  • शुरुवात में आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी.

वैसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि एफिलिएट मार्केटिंग के कितने नुकसान हैं यह सभी भी ऑनलाइन पैसे कमाने के सबसे Best तरीकों में से एक है. आप आज से ही एफिलिएट मार्केटिंग की शुरुवात कर सकते हैं.

FAQ: Affiliate Marketing Kya Hai

Q – एफिलिएट मार्केटिंग क्या है?

एफिलिएट मार्केटिंग एक ऐसा प्रोग्राम है जहाँ कोई भी व्यक्ति एफिलिएट बनकर किसी अन्य कंपनी के प्रोडक्ट को अपनी मार्केटिंग स्किल के द्वारा बेचकर पैसे कमाता है.

Q – एफिलिएट मार्केटिंग से कितने पैसे कमा सकते हैं?

आप Affiliate Marketing के द्वारा लाखों रुपया महिना भी बहुत आसानी से कमा सकते हैं. अनेक सारे ब्लॉगर, YouTuber और एफिलिएट Affiliate Marketing से अच्छी कमाई कर रहे हैं. एफिलिएट मार्केटिंग से पैसे कमाना आपकी strategy और मेहनत पर निर्भर करता है.

Q – क्या एफिलिएट मार्केटिंग करने में पैसे लगते हैं?

आप Affiliate Marketing को फ्री में भी कर सकते हैं, लेकिन अगर आप कम समय में अच्छे Result लाना चाहते हैं तो वर्डप्रेस पर ब्लॉग या लैंडिंग पेज बनाकर एफिलिएट मार्केटिंग कर सकते हैं. इसके लिए आपको एक होस्टिंग खरीदने की जरुरत होगी.

Q – एफिलिएट प्रोग्राम को ज्वाइन करने की कोई फीस होती है?

जी नहीं, आप बिल्कुल फ्री में एफिलिएट प्रोग्राम को ज्वाइन कर सकते हैं. अगर कोई एफिलिएट प्रोग्राम आपको ज्वाइन करवाने के लिए पैसे लेता है तो आप ऐसे प्रोग्राम को ज्वाइन करने से बचें, क्योंकि आपके साथ Fraud हो सकता है.

यह लेख भी पढ़ें –

निष्कर्ष: Affiliate Marketing in Hindi

इस लेख में मैंने आपको Affiliate Marketing Kya Hai, यह कैसे काम करती है तथा एफिलिएट मार्केटिंग कैसे करें की पूरी जानकारी प्रदान की है. साथ में ही आपको एफिलिएट मार्केटिंग के फायदे और नुकसानों के बारे में भी बताया है.

मैंने पूरी कोशिस की है कि इस लेख में आपको एफिलिएट मार्केटिंग की पूरी A to Z जानकारी दे सकूँ, लेकिन तब भी कोई इनफार्मेशन रह गयी है या फिर आपके लेख से जुड़े कोई सवाल हैं तो आप मुझे कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं. मैं जल्दी ही आपके सवालों का जवाब देने की कोशिस करूँगा.

इस लेख में इतना ही, उम्मीद करते हैं आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह लेख पसंद आया होगा, इस लेख को सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ भी जरुर शेयर करें, और इसी प्रकार के लेख पढने के लिए हमारे ब्लॉग पर आते रहिये.

लेख को अंत तक पढने के लिए धन्यवाद||

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